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हाउस रेन्ट अलाउंस (HRA) एग्जेम्पशन – सेक्शन 10 (13A)

क्या है हाउस रेंट अलाउंस (HRA) ?

हाउस रेंट अलाउंस एक भत्ता है जो के एम्प्लायर अपने एम्प्लाइज को उनके घर का किराया चुकाने के लिए देता है । यह भत्ता एम्प्लोयी के हाथ में टैक्सेबल (कर योग्य) होता है हालांकि, आयकर अधिनियम धारा 10(13 ए) [i.e. Section 10(13A) of Income tax Act] के अंतर्गत कुछ सीमाओं के अधीन एचआरए की छूट ली जा सकती है।

सेल्फ एम्प्लॉयड व्यक्तियों को इस धरा के अंतर्गत एचआरए की डिडक्शन लेने की अनुमति नहीं है । इस धारा के अंतर्गत सभी एम्प्लाइज को समान तरह से डिडक्शन मिलेगी फिर चाहे वो केंद्र सरकार के कर्मचारी हों, राज्य सरकार के कर्मचारी हों या किसी निजी संगठन के कर्मचारी हों।

एचआरऐ (HRA) डिडक्शन की गणना कैसे करें

अपने वार्षिक / मासिक एचआरए के लिए उपलब्ध छूट की गणना करने के लिए हमारे House Rent Allowance Calculator का इस्तेमाल कर सकते है ।

धारा 10(13 ए) के अंतर्गत एचआरए की डिडक्शन प्रदान की जाती है, जो की निम्न में से सबसे कम होती है :-

  1. प्राप्त हुआ एचआरए

  2. सैलरी का 40% ( सैलरी का 50% यदि किराये पर ली गयी प्रॉपर्टी मुंबई, दिल्ली, चेन्नई या कोलकाता में स्थित है )

  3. वास्तव में चुकाए गए किराये में से सैलेरी का 10% घटा के बची राशि

एचआरए छूट की गणना के लिए सैलेरी का क्या अर्थ है

  1. सैलेरी में मूल वेतन, महंगाई भत्ता (अगर यह रिटायरमेंट बेनिफिट्स (सेवानिवृत्ति लाभ) में जुड़ता है) और कर्मचारी द्वारा टर्नओवर के निश्चित प्रतिशत पर प्राप्त कमीशन को शामिल किया जाएगा

  2. एचआरए गणना के लिए सैलेरी को देय के आधार (Due Basis) पर लिया जाएगा

  3. सैलेरी केवल उस अवधि के लिए ली जाएगी जिसके लिए हाउस रेंट अलाउंस प्राप्त हुआ हो

एचआरऐ की डिडक्शन लेने के लिए क्या शर्तें पूरी करनी होंगी

  1. यह डिडक्शन तभी ली जा सकती है जब वास्तव में कर्मचारी ने रहने के उद्देश्य से किराया चुकाया हो ।अगर किसी अवधि के लिए वास्तव में किराया नहीं चुकाया गया हो तो उस अवधि के लिए यह डिडक्शन नहीं मिलेगा। इनकम टैक्स अधिकारी चुकाए गए किराये की रसीदें प्रमाण के तौर पे मांग सकता है हालाँकि इनकम टैक्स रिटर्न दाखिल करते समय कोई दस्तावेज़ साथ में लगाना नहीं होता है ।

  2. वर्ष के दौरान यदि वेतन, किराया या एचआरए की राशि में किसी तरह का परिवर्तन हो या निवास स्थान महानगर (मेट्रो सिटी) से नॉन-मेट्रो सिटी या नॉन-मेट्रो सिटी से महानगर (मेट्रो सिटी) में स्थानांतरित हुआ हो तो ऐसे में डिडक्शन की गणना मासिक आधार पर की जाएगी ।

  3. भले ही किराया किसी परिवार के ही सदस्य को चुकाया गया हो तब भी एचआरए का डिडक्शन मिल जाएगा । इस बारे में कोई कानूनी आवश्यकता तो नहीं है पर इस तरह के भुगतान मासिक आधार पर और बैंक के माध्यम से ही करना उचित बताया जाता है (बजरंग प्रसाद रामधरानी 2013 आईटीएटी) । यह भी ध्यान में रखें के परिवार के सदस्य को चुकाया गया यह किराया उस सदस्य के हाथ में टैक्सेबल (कर योग्य ) होगा । हालांकि, उसे 30% डिडक्शन मिलती है, इसलिए आप लाभ में होंगे (आप और परिवार का सदस्य जिस स्लैब के अंदर आते हैं उसे ध्यान में रखते हुए)

  4. ऐसी कोई आवश्यकता नहीं है के एम्प्लोयी किसी घर का मालिक नहीं हो सकता है । अगर एम्प्लोयी एक किराये के मकान में रहता है तो वो ये छूट ले सकता है, भले ही किसी दूसरे शहर में या उसी शहर में कोई मकान मौजूद हो जिसका वह मालिक है ।

  5. हाउस रेंट अलाउंस की डिडक्शन, होम लोन के प्रति चुकाए गए ब्याज की डिडक्शन धारा 24b के तहत तथा हाउसिंग लोन के पुनर्भुगतान की डिडक्शन धारा 80C के तहत एक साथ ली जा सकती है ।

  6. अगर एक एम्प्लोयी को एचआरए मिलता है जिसकी डिडक्शन इस धारा के तहत दी जाती है तो धारा 80GG के तहत कोई डिडक्शन नहीं दी जाएगी ।

  7. अगर एम्प्लायर द्वारा एम्प्लोयी को कोई हाउस रेंट अलाउंस नहीं दिया जाता हो तो इस धारा के अंतर्गत कोई डिडक्शन नहीं दी जाएगी। हालाँकि चुकाए गए किराए की डिडक्शन धारा 80GG के तहत ली जा सकती है ।

  8. अगर मेंटेनेंस चार्जेज अलग से चुकाए गए हों तो मेंटेनेंस चार्जेज के लिए कोई डिडक्शन नहीं मिलेगी ।

यदि आप चाहते हैं की एम्प्लायर एचआरए डिडक्शन को ध्यान में रखते हुए टीडीएस कम काटे, तो क्या करना होगा ?

  1. फॉर्म 12BB को एम्प्लायर के पास जमा करना होगा । अगर साल भर में चुकाया गया कुल किराया रु 1,00,000 से अधिक हो तो मकान मालिक का पैन नंबर भी इस फॉर्म में जमा करना होगा । अगर मकान मालिक एक से ज़्यादा व्यक्ति हैं तो सभी मकान मालिकों के विवरण जमा करने होंगे । [इनकम टैक्स (11th अमेंडमेंट) रूल्स, 2016]

फॉर्म 12BB एक्सेल फॉर्मेट में ( Form 12BB in excel format )

  1. यदि मकान मालिक के पास पैन नहीं है, तो एम्प्लोयी को मकान मालिक द्वारा इस बारे में दिया गया एक घोषणापत्र, साथ ही मकान मालिक का नाम और पता एम्प्लायर के पास जमा करना होगा । (सर्कुलर न. 8/2013)

(Declaration by the house Owner/Landlord if he doesn’t have PAN in Word format )

  1. अगर महीने का किराया रु 3000/- तक है तो एम्प्लोयी को किराये की रसीदें एम्प्लायर के सामने प्रस्तुत करने की आवश्यकता नहीं होगी । हालाँकि यह ध्यान दिया जाना चाहिए यह छूट केवल टीडीएस (सोर्स पर टैक्स डिडक्शन) के उद्देश्य से है और रेगुलर असेसमेंट के दौरान अफसर यह संतुष्टि करने के लिए कि एम्प्लोयी ने असल में खर्चा किराया चुकाने हेतु ही किआ है, उसे ज़रूरी लगे वह जांच करने के लिए स्वतंत्र होगा । (सर्कुलर न. 8/2013)

सम्बंधित दस्तावेज किराये कि रसीद

अगर मकान मालिक के पास पैन नहीं है तो मकान मालिक द्वारा इस बारे में घोषणापत्र

आईटीआर में एचआरए का दावा कैसे करें अथवा आईटीआर में एचआरए किस तरह दिखाया जाएगा

  1. आईटीआर 1 दाखिल करते हुए – आपको सारी डिडक्शन्स के बाद कि टैक्सेबल सैलरी कि राशि को सीधे “इनकम फ्रॉम सैलरी/पेंशन” के अंदर भरना होगा

—-space for the image—- इसी तरह जावा यूटिलिटी में भी टैक्सेबल सैलरी भरनी है —-space for the image—-

  1. आईटीआर 2, 2A, 3, 4, 4S भरते हुए – इनमे से किसी भी फॉर्म को भरते हुए आपको एचआरए के छूट (exempted) वाले हिस्से को शेड्यूल ‘S’ के अंदर पॉइंट 2(iii) में भरना है तथा टैक्सेबल हिस्से को अन्य टैक्सेबल अलाओवंसेस के साथ पॉइंट 3 में भरना है । जावा यूटिलिटी के लिए भी यही तरीका है ।

—-space for the image—- इस एचआरए वीडियो गाइड में प्रावधान देखें —-Video—- गणना के उदाहरणउदाहरणमूल वेतन + महंगाई भत्ता [D.A]

(रु 100000*12)12,00,000एचआरए [HRA]

(रु 45000*12)5,40,000दिल्ली में घर का किराया

(रु 30000*12)3,60,000हलa) प्राप्त किआ गया एचआरऐ5,40,000b) सैलरी का 50% ( क्योंकि घर मेट्रो सिटी में है)6,00,000c) वास्तव में चुकाया गया किराया – सैलरी का 10%

(3,60,000-1,20,000)2,40,000धारा 10(13 ए) [i.e. Section 10(13A)] के अंतर्गत एक्सेम्पट एचआरए (तीनो में से सबसे कम)2,40,000

अन्य उदाहरण

केस 1- जब सैलरी,एचआरए और घर का किराया पूरा साल समान हो तथा

  1. किराये का घर दिल्ली, मुंबई, कोलकाता या चेन्नई में स्थित हो

उदाहरण 1मूल वेतन + महंगाई भत्ता [D.A]

(रु 100000*12)12,00,000एचआरए [HRA]

(रु 45000*12)5,40,000दिल्ली में घर का किराया

(रु 30000*12)3,60,000हलa) प्राप्त किआ गया एचआरऐ5,40,000b) सैलरी का 50% ( क्योंकि घर मेट्रो सिटी में है)6,00,000c) वास्तव में चुकाया गया किराया – सैलरी का 10%

(3,60,000-1,20,000)2,40,000धारा 10(13 ए) [i.e. Section 10(13A)] के अंतर्गत एक्सेम्पट एचआरए (तीनो में से सबसे कम)2,40,000

  1. किराये का घर दिल्ली, मुंबई, कोलकाता या चेन्नई के आलावा किसी अन्य शहर में स्थित हो

उदाहरण 2मूल वेतन + महंगाई भत्ता [D.A]

(रु 100000*12)12,00,000एचआरए [HRA]

(रु 45000*12)5,40,000जयपुर में घर का किराया

(रु 30000*12)3,60,000हलa) प्राप्त किआ गया एचआरऐ5,40,000b) सैलरी का 40% ( क्योंकि घर मेट्रो सिटी में नहीं है)4,80,000c) वास्तव में चुकाया गया किराया – सैलरी का 10%

(3,60,000-1,20,000)2,40,000धारा 10(13 ए) [i.e. Section 10(13A)] के अंतर्गत एक्सेम्पट एचआरए (तीनो में से सबसे कम)2,40,000

केस २– जब सैलरी, एचआरए और घर का किराया पूरा साल समान न हो

  1. सैलरी सारा साल समान नहीं है और किराए का घर दिल्ली, मुंबई, कोलकाता या चेन्नई में स्थित है

उदाहरण 3मूल वेतन + महंगाई भत्ता [D.A]

(रु 50000*9) 9 महीने के लिए

मूल वेतन + महंगाई भत्ता [D.A]

(रु 60000*3) 3 महीने के लिए6,30,000एचआरए [HRA]

(रु 40000*12)4,80,000दिल्ली में घर का किराया

(रु 35000*12)4,20,000

हल माहप्राप्त एचआरए50% सैलरीकिराया – सैलरी का 10%एक्सेम्पट एचआरएअप्रैल4,0002,5003,0002,500मई4,0002,5003,0002,500जून4,0002,5003,0002,500जुलाई4,0002,5003,0002,500अगस्त4,0002,5003,0002,500सितम्बर4,0002,5003,0002,500अक्टूबर4,0002,5003,0002,500नवंबर4,0002,5003,0002,500दिसंबर4,0002,5002,9002,500जनवरी4,0003,0002,9002,900फरवरी4,0003,0002,9002,900मार्च4,0003,0002,9002,900एक्सेम्पट एचआरए31,200

  1. सैलरी और एचआरए सारा साल समान नहीं है और किराए का घर दिल्ली, मुंबई, कोलकाता या चेन्नई में स्थित नहीं है

उदाहरण 4मूल वेतन + महंगाई भत्ता [D.A]

(रु 50000*9) 9 महीने के लिए

मूल वेतन + महंगाई भत्ता [D.A]

(रु 60000*3) 3 महीने के लिए6,30,000एचआरए [HRA]

(रु 20000*6) 6 महीने के लिए

एचआरए [HRA]

(रु 40000*6) 6 महीने के लिए3,60,000जयपुर में घर का किराया

(रु 35000*12)4,20,000

हल माहप्राप्त एचआरए40% सैलरीकिराया – सैलरी का 10%एक्सेम्पट एचआरएअप्रैल2,0002,0003,0002,000मई2,0002,0003,0002,000जून2,0002,0003,0002,000जुलाई2,0002,0003,0002,000अगस्त2,0002,0003,0002,000सितम्बर2,0002,0003,0002,000अक्टूबर4,0002,0003,0002,000नवंबर4,0002,0003,0002,000दिसंबर4,0002,0003,0002,000जनवरी4,0002,4002,9002,400फरवरी4,0002,4002,9002,400मार्च4,0002,4002,9002,400एक्सेम्पट एचआरए25,200

  1. सैलरी , एचआरए और किराया सारा साल समान नहीं है और किराए का घर दिल्ली, मुंबई, कोलकाता या चेन्नई में स्थित है

उदाहरण 5मूल वेतन + महंगाई भत्ता [D.A]

(रु 50000*9) 9 महीने के लिए

मूल वेतन + महंगाई भत्ता [D.A]

(रु 60000*3) 3 महीने के लिए6,30,000एचआरए [HRA]

(रु 20000*6) 6 महीने के लिए

एचआरए [HRA]

(रु 40000*6) 6 महीने के लिए3,60,000घर का किराया

(रु 35000*3) 3 महीने के लिए

घर का किराया

(रु 40000*9) 9 महीने के लिए4,65,000

हल माहप्राप्त एचआरए50% सैलरीकिराया – सैलरी का 10%एक्सेम्पट एचआरएअप्रैल2,0002,5003,0002,000मई2,0002,5003,0002,000जून2,0002,5003,5002,000जुलाई2,0002,5003,5002,000अगस्त2,0002,5003,5002,000सितम्बर2,0002,5003,5002,000अक्टूबर4,0002,5003,5002,500नवंबर4,0002,5003,5002,500दिसंबर4,0002,5003,5002,500जनवरी4,0003,0003,4003,000फरवरी4,0003,0003,4003,000मार्च4,0003,0003,4003,000एक्सेम्पट एचआरए28,500

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